Castles in the air - they are so easy to take refuge in. And so easy to build, too.

आम्हां घरी धन शब्दांचीच रत्नें | शब्दांचीच शस्त्रें यत्न करुं ||
शब्द चि आमुच्या जीवांचे जीवन | शब्दें वांटूं धन जनलोकां ||
तुका म्हणे पाहा शब्द चि हा देव | शब्द चि गौरव पूजा करुं ||
- abhang of Tukaram Wolhoba Ambile of Dehu

There's No Freedom Like That of a Child's Imagination

கடலுக்கு உண்டு கற்பனைக்கு இல்லை கட்டுப்பாடு

Tuesday, February 12, 2008

मसली हुई यादें

कभी तेरे दीदार से मचली थी यादें
अब तड़‌पती रहती हैं मसली हुई यादें
कभी तेर आँखों में खो जाती थी साँसें
अब तलाश‌ती रहती हैं मसली हुई यादें
गूँजती जब हँसी तेरी, निखर जाती हवाएँ
अब तरस‌ती रहती हैं मसली हुई यादें
तेरे वायदे तेरे बातों से बान्धे थे सपने
अब बीख़‌र‌ती रहती हैं मसली हुई यादें
मुस्कुराता था रामेश, पनपती आशाएँ
अब सिसक‌ती रहती हैं मसली हुई यादें

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