Castles in the air - they are so easy to take refuge in. And so easy to build, too.

आम्हां घरी धन शब्दांचीच रत्नें | शब्दांचीच शस्त्रें यत्न करुं ||
शब्द चि आमुच्या जीवांचे जीवन | शब्दें वांटूं धन जनलोकां ||
तुका म्हणे पाहा शब्द चि हा देव | शब्द चि गौरव पूजा करुं ||
- abhang of Tukaram Wolhoba Ambile of Dehu

There's No Freedom Like That of a Child's Imagination

கடலுக்கு உண்டு கற்பனைக்கு இல்லை கட்டுப்பாடு

Sunday, January 24, 2010

How to write poetry - a lesson from my Guru

کون سی زیادا خش قسمت،
وہ سےاہی جسمےں آپ کی تعاریف لکھی ہے،
یا وہ جسمےں آپ کی تسویر بنی

(कौनसी ज़्यादा ख़ुशक़िस्मत
वह सियाही जिसमें आपकी त`आरीफ़ लिखी है,
या वह जिसमें आपकी तसवीर बनी?)

رامیش-

यह मेरा ख़्याल था, जिसे उस्ताद ने शायरी में तबदील किया

خشقسمت ہے سیاہی جو مشکور تعارف الفاز آپ کی
یا پھر وہ جو ممنون تسویر آپ کی

(ख़ुशक़िस्मत है सियाही जो मशकूर ए त'आरुफ़ अल्फ़ाज़ आपकी
या फिर वह जो ममनून ए तसवीर आपकी?)

خشقسمت ہے سیاہی لکھے جو الفاز تعارف آپکے
یا بخشے جو جان تسویر کو آپ کی

(ख़ुशकिस्मत है सियाही लिखे जो अल्फ़ाज़ ए त'आरुफ़ आपकी
या बख़्शे जो जान तसवीर को आपकी?)

خس نسیبی کشمکش میں ہے ، کسے چوم لوں ،
وہ سیاہی جسنے تمہارا شباب و نخار الفاز میں قید کیا ہے،
یا وہ تسویر جسنے تمہارا روخ روشن کا سایا اتارا ہے

(खुशनसीबी कशमकश में है, किसे चूम लूँ -
वह सियाही जिसने तुम्हारा शबाब ओ निख़ार अल्फाज़ में क़ैद किया है,
या वह तसवीर जिसने तुम्हारा रूख़ ए रोशन का साया उतारा है?)

مشتاق -

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