Castles in the air - they are so easy to take refuge in. And so easy to build, too.

आम्हां घरी धन शब्दांचीच रत्नें | शब्दांचीच शस्त्रें यत्न करुं ||
शब्द चि आमुच्या जीवांचे जीवन | शब्दें वांटूं धन जनलोकां ||
तुका म्हणे पाहा शब्द चि हा देव | शब्द चि गौरव पूजा करुं ||
- abhang of Tukaram Wolhoba Ambile of Dehu

There's No Freedom Like That of a Child's Imagination

கடலுக்கு உண்டு கற்பனைக்கு இல்லை கட்டுப்பாடு

Saturday, January 23, 2010

Two versions by me and Max

آپ ایک بار میرے باغ میں کیا آئیں
گل کھلنے سے انکار کرتے ہےں ،
کہتے ہےں آپسے مقابلہ نا ہوگا۔

आप एक बार मेरे बाग़ में क्या आयीं
गुल खिलने से इनकार करते हैं
कहते हैं आपसे मुक़ाबला न होगा

(these are my prosaic versions)

نا آنآ بیسآختہ میرے چمن مٰیں ،
کہیں گل و گلزار سہم نا جآئٰیں

न आना बेसाख़ता मेरे चमन में,
कहीं गुल ओ गुलज़ार सहम न जाएँ

(the same thought, rendered into poetry by Max)

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